पद्म भूषण जैनेंद्र कुमार को दी श्रद्धांजलि
इगलास। परोपकार सामाजिक सेवा संस्था के तत्वावधान में गुरुवार को गांव तोछीगढ़ में स्वतंत्रता सेनानी एवं साहित्यकार पद्म भूषण जैनेंद्र कुमार की 119 वीं जयंती मनाई गई। हिंदी की छात्राओं ने जैनेंद्र के हिंदी साहित्य के प्रति असीम योगदान को स्मरण कर श्रद्धांजलि दी। अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि जैनेंद्र कुमार व्यक्तिवादी और मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार थे। इन्होंने हिंदी उपन्यास को नया मोड़ दिया था। 1921 में गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार जेल भी गए थे। हिंदी साहित्य जगत को दिए अमूल्य योगदान के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर खुशबू, रीना, सपना, शालू, अंजली, चारू, तनु, साधना आदि थे।